कभी कभी वो मेरे आसपास होता है
दिल भी अजीब है ये उदास होता है
पास हो तो परवाह नहीं तनिक भी
पर दूर होकर ही कोई खास होता है
फलक पे आफ़ताब हो या हों तारें
हरेक पल उसी का एहसास होता है
ज़माने की मुझे फिकर नहीं मेरे मौला
मुर्शीद ही मेरा हरदम खास होता है
.........................................पंकज
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